लक्ष्य बनाना क्यों ज़रूरी है?
एक बार एक आदमी सुबह-सुबह सड़क पर Jogging कर रहा था। अचानक एक चौराहे पर जाकर वह रुक गया। उस चौराहे से चार सड़कें अलग-अलग रास्तों की ओर जा रही थीं।
वहाँ एक बूढ़े व्यक्ति को देखकर उस आदमी ने पूछा—
वहाँ एक बूढ़े व्यक्ति को देखकर उस आदमी ने पूछा—
“सर, ये रास्ता कहाँ जाता है?”
बूढ़े व्यक्ति ने उससे पूछा—
“आपको कहाँ जाना है?”
आदमी ने कहा—
“पता नहीं।”
बूढ़े व्यक्ति ने मुस्कुराकर कहा—
“तो कोई भी रास्ता चुन लो, क्या फ़र्क पड़ता है?”
वह आदमी बूढ़े व्यक्ति की बात सुनकर कुछ देर चुप रहा। उस छोटी-सी बात में जीवन की एक बड़ी सच्चाई छिपी थी।
जब हमें यह पता ही नहीं होता कि हमें कहाँ जाना है, तो हम किसी भी रास्ते पर चल सकते हैं। लेकिन मंज़िल तय न होने पर यह भी पता नहीं चलता कि हम सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं।
इसी तरह जीवन में भी अगर कोई लक्ष्य न हो, तो इंसान मेहनत तो करता रहता है, लेकिन उसकी मेहनत किस दिशा में जा रही है, यह समझना मुश्किल हो जाता है।
जब हमें यह पता ही नहीं होता कि हमें कहाँ जाना है, तो हम किसी भी रास्ते पर चल सकते हैं। लेकिन मंज़िल तय न होने पर यह भी पता नहीं चलता कि हम सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं।
इसी तरह जीवन में भी अगर कोई लक्ष्य न हो, तो इंसान मेहनत तो करता रहता है, लेकिन उसकी मेहनत किस दिशा में जा रही है, यह समझना मुश्किल हो जाता है।
1. लक्ष्य हमें एकाग्र बनाता है
अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमारा ध्यान बार-बार दूसरी बातों की तरफ नहीं भटकेगा, क्योंकि हमें पता होगा कि हमें किस दिशा में जाना है।सोचिए, अगर आपको धनुष-बाण दे दिया जाए और यह न बताया जाए कि तीर किस निशाने पर चलाना है, तो आप क्या करेंगे?
बिना निशाने के चलाया गया तीर किसी खास जगह नहीं पहुँच सकता। इसी तरह बिना लक्ष्य के की गई मेहनत भी अक्सर सही दिशा में नहीं जा पाती।
एक काँच के टुकड़े से धूप की रोशनी को एक जगह केंद्रित करने पर कागज़ जल सकता है। यह एकाग्रता की ताकत को समझने का आसान उदाहरण है।
2. लक्ष्य हमारी Progress को देखने में मदद करता है
मान लीजिए आपको 500 पेज की किताब लिखनी है। अगर आप रोज़ कुछ पेज लिखते हैं, तो आपको पता रहेगा कि आपने कितने पेज पूरे कर लिए हैं और कितने बाकी हैं।इसी तरह जब कोई लक्ष्य तय होता है, तो आप अपनी Progress को आसानी से देख सकते हैं।
आपको पता रहता है कि आपने कितना काम पूरा कर लिया है और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए अभी कितना काम बाकी है।
लेकिन अगर कोई लक्ष्य ही न हो, तो यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आपने कितनी Progress की है और आपको आगे कहाँ जाना है।
3. लक्ष्य हमें रास्ते से भटकने नहीं देता
लक्ष्य तय करने के बाद हम अपने समय और ध्यान को ज़रूरी कामों पर लगाने की कोशिश करते हैं।मान लीजिए आपका कोई दोस्त विदेश जा रहा है और वह रात 9 बजे आपसे मिलने आ रहा है। आप 8:30 बजे अपने ऑफिस से निकलते हैं और आपको स्टेशन पहुँचने में लगभग 25 से 30 मिनट लगते हैं।
क्या आप रास्ते में किसी गैर-ज़रूरी काम के लिए रुकेंगे?
शायद नहीं, क्योंकि आपको पता है कि आपको समय पर स्टेशन पहुँचना है।
इसी तरह जब जीवन में हमारी मंज़िल साफ़ होती है, तो हम गैर-ज़रूरी चीज़ों में अपना समय बर्बाद करने से बच सकते हैं।
4. लक्ष्य हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है
जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में कुछ हासिल करना चाहता है, तो उसका लक्ष्य उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।आपका लक्ष्य आपके सपने को एक दिशा देता है। जब आपको पता होता है कि आपको कहाँ पहुँचना है, तो मुश्किल समय में भी आगे बढ़ते रहने की वजह मिलती है।
छोटी-छोटी उपलब्धियाँ भी आपको आगे और मेहनत करने का हौसला देती हैं।
तो दोस्तों, जीवन में मेहनत करना बहुत ज़रूरी है, लेकिन मेहनत के साथ सही दिशा होना भी उतना ही ज़रूरी है।
जब आप अपना लक्ष्य तय करके अपनी मेहनत और समय को उसी दिशा में लगाते हैं, तो सफलता की राह आपके लिए अधिक साफ़ हो जाती है।
अपनी मंज़िल तय कीजिए, सही रास्ता चुनिए और लगातार आगे बढ़ते रहिए।
जब आप अपना लक्ष्य तय करके अपनी मेहनत और समय को उसी दिशा में लगाते हैं, तो सफलता की राह आपके लिए अधिक साफ़ हो जाती है।
अपनी मंज़िल तय कीजिए, सही रास्ता चुनिए और लगातार आगे बढ़ते रहिए।
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